इन्वर्टर/बैटरी की आम खराबियों को पहचानें और आसानी से ठीक करें

इन्वर्टर बैटरी खराबी समाधान

आज के समय में इन्वर्टर और बैटरी हमारे घरों और दफ्तरों की जरूरत बन चुके हैं। बिजली जाने पर पंखा, लाइट, टीवी या छोटा फ्रिज तक इन्वर्टर पर चलता है। लेकिन कई बार अचानक इन्वर्टर या बैटरी में दिक्कत आने लगती है – जैसे चार्जिंग न होना, जल्दी बैकअप खत्म होना या अजीब आवाज़ आना। अगर हम इन समस्याओं को सही समय पर पहचान लें और उनका हल करें, तो बड़ी खराबी और खर्चे से बचा जा सकता है।

इस ब्लॉग में हम आपको बताएँगे –

  1. आम खराबियाँ और उनके लक्षण
  2. उन्हें ठीक करने के आसान उपाय
  3. रोकथाम के टिप्स

1. इन्वर्टर/बैटरी की आम खराबियाँ

(क) बैकअप जल्दी खत्म होना

  • बैटरी पुरानी हो चुकी हो।
  • बैटरी का पानी (Electrolyte) कम हो।
  • चार्जिंग पूरी न हो रही हो।
  • घर पर लोड बैटरी की क्षमता से ज्यादा हो।

(ख) इन्वर्टर चार्ज न होना

  • इनपुट पावर (AC सप्लाई) न आ रही हो।
  • फ्यूज या MCB ट्रिप हो गया हो।
  • वायरिंग में ढीला कनेक्शन हो।
  • चार्जिंग बोर्ड खराब हो।

(ग) इन्वर्टर से बीपिंग/आवाज़ आना

  • बैटरी लो वोल्टेज पर पहुँच गई हो।
  • वायरिंग में शॉर्ट-सर्किट या ढीला तार हो।
  • ओवरलोड होने पर भी लगातार बीप आती है।

(घ) बैटरी से दुर्गंध/धुआँ आना

  • बैटरी में ज्यादा चार्जिंग हो रही हो।
  • इलेक्ट्रोलाइट का स्तर बहुत कम हो गया हो।
  • आंतरिक प्लेट्स डैमेज हो गई हों।

2. इन समस्याओं को कैसे ठीक करें?

बैकअप कम होना – समाधान

  • बैटरी का पानी (डिस्टिल्ड वॉटर) जाँचें और ज़रूरत हो तो भरें।
  • बैटरी की उम्र (3-5 साल) से ज्यादा हो तो बदलने का समय आ गया है।
  • इन्वर्टर की चार्जिंग वोल्टेज जाँचें।

चार्ज न होना – समाधान

  • बिजली सप्लाई सही आ रही है या नहीं, यह देखें।
  • इन्वर्टर का फ्यूज या MCB देखें और बदलें।
  • कनेक्शन कसकर जोड़ें।
  • फिर भी चार्ज न हो तो टेक्नीशियन से चेक करवाएँ।

बीपिंग या आवाज़ आना – समाधान

  • लोड कम करें।
  • ढीले तार कसें।
  • शॉर्ट-सर्किट की स्थिति में तुरंत इन्वर्टर बंद कर दें और विशेषज्ञ को बुलाएँ।

दुर्गंध/धुआँ आना – समाधान

  • तुरंत इन्वर्टर/बैटरी का कनेक्शन बंद करें।
  • पानी का स्तर चेक करें।
  • अधिक गर्म बैटरी को ठंडी जगह रखें।
  • अगर प्लेट्स खराब हो गई हैं तो नई बैटरी लेना ही सही रहेगा।

3. रोकथाम के टिप्स

  • हर 2-3 महीने में बैटरी का पानी जाँचें।
  • बैटरी को हमेशा हवादार जगह पर रखें।
  • तारों और कनेक्शन की समय-समय पर जाँच करें।
  • बैटरी को पूरी तरह डिस्चार्ज न होने दें।
  • AMC (Annual Maintenance Contract) सर्विस जरूर लें।

आम सवाल-जवाब (FAQ)

Q1. बैटरी का बैकअप क्यों कम हो जाता है?
👉 बैटरी पुरानी होने, पानी कम होने या लोड ज्यादा होने की वजह से बैकअप कम होता है।

Q2. इन्वर्टर चार्ज क्यों नहीं करता?
👉 बिजली न आने, ढीले तार, फ्यूज/MCB खराब या चार्जिंग बोर्ड खराब होने पर चार्जिंग रुक जाती है।

Q3. क्या हर बैटरी में पानी डालना जरूरी है?
👉 हाँ, केवल ट्यूब्युलर और लेड-एसिड बैटरियों में हर 2-3 महीने पर डिस्टिल्ड वॉटर डालना जरूरी है। (Lithium बैटरियों में नहीं)।

Q4. बैटरी की औसत लाइफ कितनी होती है?
👉 सामान्य तौर पर 3 से 5 साल। सही देखभाल से 6 साल तक भी चल सकती है।

Q5. बैटरी में दुर्गंध आए तो क्या करें?
👉 तुरंत बिजली सप्लाई बंद करें और विशेषज्ञ से जाँच करवाएँ, क्योंकि यह ओवरचार्जिंग या प्लेट्स खराब होने का संकेत है।


निष्कर्ष

इन्वर्टर और बैटरी की छोटी-छोटी समस्याओं को अगर आप समय रहते पहचान लें और हल कर लें, तो बड़ी परेशानी और खर्चे से बचा जा सकता है। नियमित रखरखाव, समय-समय पर सर्विस और सही उपयोग ही लंबी बैटरी लाइफ और बेहतर बैकअप का राज़ है।

Leave a Reply